A.P.J Abdul Kalam biography in Hindi – डॉ. अब्दुल कलाम जीवनी

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“पूर्व राष्ट्रपति कलाम मार्गदर्शक है जिन्होंने आत्म-संयम, बलिदान और करुणा के मूल्यों का जिक्र किया|” – नरेन्द्र मोदी

A.P.J Abdul Kalam biography in Hindi

Abdul Kalam biography in Hindi

ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) का पूरा नाम  अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम है, जिन्हें मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति  के नाम से जाना जाता है, जो भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवें निर्वाचित राष्ट्रपति और पहले गैर-राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति रहे जिनको यह पद तकनीकी एवं विज्ञान में विशेष योगदान की वजह से मिला था|

उन्होंने चार दशक तक वैज्ञानिक के रूप में काम किया है और देश के कुछ महत्वपूर्ण संगठनों (DRDO और ISRO) में कार्य किया। उन्होने वर्ष 1998 में पोखरण द्वितीय परमाणु परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई|

Dr APJ Abdul Kalam भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल विकास कार्यक्रम के साथ भी जुड़े थे| जिसकी वजह से उन्हें ‘The Missile man (मिसाइल मैन)’ कहा गया | कलाम जी 2002-07 तक भारत के राष्ट्रपति रहे| इसके बाद वे शिक्षण, लेखन और सार्वजनिक सेवा में लौट आए| उन्हे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान,  भारत रत्न सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया|

नाम – अबुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम, ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम
जन्म – 15 अक्टूबर, 1931
जन्म स्थल – धनुष्कोडी, रामेश्वरम, तमिलनाडु
मृत्यु – 27 जुलाइ, 2015
शिक्षण सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली
              मद्रास इन्स्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी
पिता का नाम – जैनुलाअबदीन मरकयर
माता का नाम – आशी अम्मा जैनुलाअबदीन

अबुल पकिर जैनुल आबादीन अब्दुल कलाम के संबंध में उनके साथियों का कहना है कि वे सौ प्रतिशत ही नहीं वरन् दो सौ प्रतिशत भारतीय है| उन्होने भारत को अनेक मोर्चों पर श्रेष्ठतम स्थिति दिलाने का प्रयत्न किया है|

उन्होने उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण की दिशा में भी भारत को संसार के महत्वपूर्ण देशों में छठा स्थान दिलाया है| ‘अग्नि और पृथ्वी  मिसाइलों की दुनिया भर में चर्चा हुई है|

अनेक देशों ने इसे ईर्ष्या की दृष्टि से देखा है परंतु तमिलनाडु के रामेश्वरम जिले के धनुषकोटी नामक नगर में उत्पन्न होनेवाले इस भारतीय वैज्ञानिक ने इन आयुधों का निर्माण किसी देश पर आक्रमण करने के विचार से नहीं किया वरन् भारत सरकार की देश की सुरक्षानीति के अनुरूप किया है|

यही कारण है कि जहाँ उनके कारण भारत का सम्मान और कार्यक्षमतायें बढ़ी है वहाँ इनका सम्मान अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभरा है| Arunima Sinha Biography in Hindi|अरुणिमा सिन्हा की पूरी कहानी

अब्दुल कलाम का जन्म और पढ़ाई कहाँ हुई?|Biography of Abdul Kalam in Hindi

अब्दुल कलाम का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वरम जिले के धनुष्कोडी नाम के गाँव के मुस्लिम परिवार में हुआ था| डॉ. कलाम के पिता धनी न थे, वे नावों का निर्माण करते थे और उसे मछुआरों को किराए पर देते थे|

Abdul Kalam संयुक्त परिवार में रहते थे| उनके पाँच भाई और पाँच बहेन थी| उनके पिता का उनके जीवन पर बड़ा प्रभाव था| भारत के विभिन्न स्थानों से आनेवाले समाचार पत्र रमेश्वरम तक आने वाली गाड़ी से ही पहुँचते थे और Dr. Kalam के एक संबंधी के पास ही समाचार पत्रों की एजेन्सी थी|

उसका अब्दुल कलाम पर विशेष प्रभाव था| उसी के कारण इनमें अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त करने की लालसा भी उत्पन्न हुई| इस व्यक्ति ने ही इन्हे आगे पढ़ने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा दी|

पाँच वर्ष की अवस्था में रामेश्वरम के पंचायत प्राथमिक विद्यालय में उनका दीक्षा-संस्कार हुआ था| उन्होने अपनी पढ़ाई रामनाथपुरम  स्च्वार्त्ज़ मैट्रिकुलेशन स्कूल  से पूरी की| कलाम ने 1950 में Madras Institute of Technology से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की|

उसी संस्थान में वे विमान के कुलपुर्जों के अध्ययन की ओर आकर्षित हुए| यहीं पर उन्होने यह आशा संजोई कि वे विमान पाइलट (Aircraft pilot) बनेंगे| परंतु उनकी यह इच्छा उनकी स्वास्थ्य निर्बलता के कारण सफल न हो सकी|

ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम  का वैज्ञानिक जीवन कैसा था? APJ Abdul Kalam Inventions

APJ Kalam ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान  में प्रवेश किया और हावरक्राफ़्ट परियोजना पर काम किया| 1962 में वे  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  में आए जहाँ उन्होने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभाई|

उन्होने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान  SLV 3  के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई|  इसके बाद जुलाइ 1982 में रोहिणी  (Rohini) उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था|

इसरो लॉंच व्हिकल प्रोग्राम  को परवान चढ़ाने का श्रेय भी इन्हे प्रदान किया जाता है| कलाम ने स्वदेशी लक्ष्य भेदी नियंत्रित प्रक्षेपात्र को डिज़ाइन किया| कलाम जुलाइ 1992 से दिसम्बर 1999 तक रक्षा मंत्री के विज्ञान सलाहकार तथा सुरक्षा शोध और विकास विभाग के सचिव थे| उन्होने रणनीतिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली का उपयोग  आग्नेयास्त्रों  के रूप में किया|

कलाम ने भारत के विकासस्तर को 2020 तक विज्ञान के क्षेत्र में अत्याधुनिक करने के लिए एक विशिष्ट सोच प्रदान की| यह भारत सरकार के मुख्य  वैज्ञानिक सलाहकार  भी रहे| उनके कार्यों और सफलताओं से डॉ. कलाम भारत में बहुत प्रसिद्ध हो गये और देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में उनका नाम होने लगा|

उनकी ख्याति इतनी बढ़ गयी थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपने कॅबिनेट के मंज़ूरी के बिना ही उन्हे कुछ गुप्त परियोजनाओं पर कार्य करने की अनुमति दे दी थी| वर्ष 1998 में कलाम ने हृदय चिकित्सक सोमा राजू के साथ एक कम कीमत का ‘कोरोनरी स्टेंट (Coronary stent)’ का विकास किया|  इसे ‘कलाम-राजू स्टेंट (Kalam-Raju Stent)’  का नाम दिया गय|

अब्दुल कलाम राष्ट्रपति काल कैसा रहा? Abdul kalam President period

सरकार ने 2002 में उन्हे राष्ट्रपति पद का उमेदवार बनाया|  उन्होने 26 जुलाइ 2002  को भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिया|  डॉ. कलाम देश के ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे जिन्हे राष्ट्रपति बनाने से पहले ही  भारत रत्न  से नवाज़ा जा चुका था|

यूँ तो Abdul Kalam राजनीतिक क्षेत्र के व्यक्ति नही थे लेकिन राष्ट्रवादी सोच और राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की कल्याण संबंधी नीतियों के कारण इन्हे कुछ हद तक राजनीतिक दृष्टि से संपन्न माना जा सकता है|  उनके कार्यकाल के दौरान उन्हे  ‘जनता का राष्ट्रपति’  कहा गया|

अपने कार्यकाल की समाप्ति पर उन्होने दूसरे कार्यकाल की भी इच्छा जताई पर राजनैतिक पार्टियों की एक राय न होने की वजह से उन्होने ये विचार त्याग दिया|

राष्ट्रपति पद से मुक्ति के बाद कलाम ने क्या किया? Abdul Kalam History

राष्ट्रपति पद से सेवमुक्ति के बाद कलाम ने अपने आप को शिक्षण, लेखन, मार्गदर्शन और शोध जैसे कार्यों में व्यस्त रखा और भारतीय प्रबंधन संस्थान शिल्लोंग, भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद,  भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर जैसे संस्थानों से Visiting professor के तौर पर जुड़े रहे|

और वह भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर के फेलो,  इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ स्पेस साइन्स एंड टेक्नॉलॉजी, थिरुवनन्थपुरम के चॅन्सेलर, अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई में एरोस्पेस इंजिनियरिंग के प्रोफ़ेसर भी रहे|  कलाम की हमेशा ये ही इच्छा थी की युवाओं का भविष्य बेहतर बने|

इसी वजह से उन्होने देश के युवाओं के लिए  “वॉट कॅन आई गिव – मैं आंदोलन को क्या दे सकता हूँ”  पहल की शुरुआत की जिसका उदेश्य भ्रष्टाचार का सफ़ाया है| देश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए २ बार (2003 और 2006) उन्हे  ‘एम.टी.वी. यूथ आइकोन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ के लिए नामांकित भी किया गया था|

2011 में आई हिन्दी फिल्म  ‘आई एम कलाम (I am Kalam)’ में एक ग़रीब पर उज्जवल बच्चे पर कलाम के सकारात्मक प्रभाव को चित्रित किया गया| उनके सम्मान में वो बच्चा छोटू जो कि एक राजस्थानी लड़का है वो खुद का नाम बदल कलाम रख लेता है|

कलाम की कूडनकूलम परमाणु संयंत्र पर अपने रुख़ से नागरिक समूहों द्वारा आलोचना की गयी उन्होने उर्जा संयंत्र की स्थापना का समर्थन किया|

डॉ. कलाम ने कौन सी किताबें लिखी? Which book is written by Abdul Kalam?

इंडिया 2020 : आ विज़न फॉर द न्यू मिलेनीयम:
विंग्स ऑफ फायर: एन  ऑटोबायोग्राफ़ी
‘इग्नाइटेड माइंड्स : अनशिलिंग द पावर विथिन इंडिया
मिशन इंडिया
इंडोमिटेबल स्पिरिट
माइ जर्नी
इंडिया – माई ड्रीम

APJ Abdul Kalam पर अन्य लेखकों ने कौन सी किताबें लिखी?

लाइफ एंड टाइम्स ऑफ डॉ. अबुल पाकिर जैनुलाआबादीन

अब्दुल कलाम एस चंद्रा कृत प्रेसीडेंट एपीजे अब्दुल कलाम आर.के. पूर्ति

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम : द विज़नरी ऑफ इंडिया के. भूषण एवं जी कत्याल

अब्दुल कलाम का निधन कैसे हुआ? How did Abdul Kalam die?

डॉ. कलाम २७ जुलाइ २०१५ की शाम को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलॉंग में ‘रहेने योग्य ग्रह’ पर एक व्याख्यान दे रहे थे तभी उन्हे जोरदार कार्डियाक अरेस्ट (दिल का दौरा) हुआ और वो बेहोश हो कर गिर पड़े|

लगभग ६:३० बजे उन्हे बेथानी अस्पताल में गंभीर हालत में ले जाया गया और दो घंटे के बाद उनकी मृत्यु हो गयी| अस्पताल के सीईओ जॉन साइलो ने बताया कि जब कलाम को अस्पताल लाया गया तब उनकी नब्ज़ और ब्लड प्रेशर ने साथ छोड़ दिया था|

मेघालय के राज्यपाल वी.षडमुखनाथन, अब्दुल कलाम के अस्पताल में प्रवेश की खबर सुनते ही सीधे अस्पताल में पहुँच गये| बाद में षडमुखनाथन ने बताया कि कलाम को बचाने की कोशिशों के बाद भी शाम ७:४५ पर उनका निधन हो गया|

अब्दुल कलाम का अंतिम संस्कार कैसे हुआ? Where is Abdul Kalam buried?

मृत्यूके बाद कलाम के शरीर को भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर में शिलॉंग से गुवाहाटी लाया गया और अगले दिन 28 जुलाइ को कलाम का पार्थिव शरीर मंगलवार दोपहर वायुसेना के विमान C-130 जे हरक्यूलिस से दिल्ली लाया गया|

लगभग 12:15 बजे विमान पालम हवाई अड्डे पर पहुँचा| वहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इसकी आगेवनी की और कलाम के पार्थिव शरीर पर पुष्पहार अर्पित किए|

इसके बाद तिरंगे में लिपटे Abdul Kalam के पार्थिव शरीर को उनके आवास 10 राजाजी मार्ग पर ले जाया गया| यहाँ पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित अनेक लोगों ने श्रद्धांजलि दी|

सरकार ने डॉ. कलाम के सम्मान के रूप में सात दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की| 29 जुलाइ की सुबह वायुसेना के विमान C-130 जे से भारतीय ध्वज में लिपटे कलाम के शरीर को पालम एयर बेस पर लाया गया और वहाँ से दोपहर को मदुरै हवाई अड्डे पर पहुँचा|

उनके शरीर को तीनों सेनाओं के प्रमुखों और राष्ट्रीय व राज्य के गणमान्य लोग,  केबिनेट मंत्री मनोहर पार्रीकर, वेंकैया नायडू, पॉन राधाकृष्णन और तमिलनाडु और मेघालय के राज्यपाल के.रोसैया और वी. षडमुखनाथन ने हवाई अड्डे पर प्राप्त किया|

एक संक्षिप्त समारोह के बाद उनके शरीर को एक वायु सेना के हेलिकॉप्टर में मंडपम लाया गया और वहाँ से उनके गृह नगर रमेश्वरम एक आर्मी ट्रक में भेजा गया| जनता उन्हे आख़िरी श्रद्धांजलि दे सके इसलिए उन्हे स्थानीय बस स्टेशन के सामने एक खुले क्षेत्र में प्रदर्शित किया गया|

30 जुलाइ 2015 को पूर्व राष्ट्रपति कलाम को पूरे सम्मान के साथ रमेश्वरम के पी करुम्बु ग्राउंड में दफ़नाया गया| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के राज्यपाल और कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों सहित 3,50,000 से अधिक लोगों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया|

Dr. A. P. J.  Abdul Kalam के मृत्यु पर लोगों ने क्या प्रतिक्रिया दी?

Abdul Kalam के निधन के बाद देश भर में और सोशियल मीडीया में पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि देने के लिए अनेक कार्य किए गये| नरेंद्र मोदी ने कहा, “कलाम का निधन वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है| वह भारत को महान उँचाईओं पर ले गये  उन्होने हमे मार्ग दिखाया|

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जिन्होने कलाम के साथ प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की थी,  उन्होने कहा, “उनकी मृत्यु के साथ हमारे देश ने एक महान मनुष्य को खोया है जिसने हमारे देश की रक्षा प्राद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया है|

मैने प्रधानमंत्री के रूप में Dr. apj kalam के साथ बहुत निकटता से कम किया है| मुझे हमारे देश के राष्ट्रपति के रूप में उनकी सलाह से लाभ हुआ| उनका जीवन और काम आनेवाली पीढ़ियों तक याद किया जाएगा|” दलाई लामा ने कलाम की मौत को “एक अपूरणीय क्षति”  बुला, अपना दुख व्यक्त किया| उन्होने कहा, “अनेक वर्षों में,  मुझे कई अवसरों पर कलाम के साथ बातचीत करने का मौका मिला|

वह एक महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद और राजनेता ही नही,  बल्कि वे एक वास्तवीं सज्जन थे,  और हमेशा मैने उनकी सादगी और विनम्रता की प्रशंसा की है| मैने सामान्य हितों के विषयों की एक विस्तृत शृंखला पर हमारी चर्चाओं का आनंद लिया, लेकिन विज्ञान,  आध्यात्म और शिक्षा के साथ मुख्य रूप से हमारे बीच चिंतन किया जाता था|”

भूटान सरकार ने Dr. Abdul Kalam की मौत के शोक के लिए देश के झंडे को आधी उँचाई पर फहराने के लिए आदेश दिया और श्रद्धांजलि में 1000 मक्खन के दीपक भेंट किए| भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने कहा, “वे एक महान नेता थे जिनकी सभी ने प्रशंसा की विशेषकर भारत के युवाओं के वे प्रशंसनीय नेता थे जिन्हे वे जनता का राष्ट्रपति बुलाते थे|”

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, “एक महान राजनेता,  प्रशंसित वैज्ञानिक और दक्षिण एशिया के युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत के संयोग”  उन्होने Kalam की मृत्यु को “भारत के लिए अपूरणीय क्षति से भी परे”  बताया| उन्होने यह भी कहा कि भारत के प्रसिद्ध बेटे, पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर हमें गहरा झटका लगा है| ए.पी.जे अब्दुल कलाम अपने समय के सबसे महान ज्ञानियों में से एक थे|

वह बांग्लादेश में भी बहुत सम्मानित थे| उनकी विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की वृद्धि करने के लिए अमूल्य योगदान के लिए वे सभी के द्वारा हमेशा याद किए जाएँगे| वे दक्षिण एशिया की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत थे जो उनके सपनों को पंख देते थे|” बांग्लादेश नॅशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख खालिदा जिया ने कहा, “एक परमाणु वैज्ञानिक के रूप में, उन्होने लोगों के कल्याण में स्वयं को समर्पित किया|”

नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा, “नेपाल ने एक अच्छा दोस्त खो दिया है और मैने एक सम्मानित और आदर्श व्यक्तित्व को खो दिया है|”  पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनुन हुसैन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर उनके प्रति दुख,  शोक व संवेदना व्यक्त की|

श्रीलंका के राष्ट्रपति सीरीसेना ने कहा, “कलाम द्रढ विश्वास और अदम्य भावना के आदमी थे| मैने उन्हे दुनिया के एक उत्कृष्ट राजनेता के रूप में देखा था| उनकी मौत भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है|”

इंडोनेषिया के राष्ट्रपति सुसीलो बम्बनग युधोयोनो,  मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक़, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियन लुंग, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख खलीफा बिन जायद अल नाहयान सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय नेताओं और संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री और दुबई के शासक ने भी कलाम को श्रद्धनजली अर्पित की|

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “कलाम को हमारे देशों के बीच लगातार मैत्रीपूर्ण संबंधों के एक प्रतिपादक के रूप में याद किया जाएगा,  उन्होने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगती के लिए व्यक्तिगत योगदान दिया| उन्होने पारस्परिक रूप से लाभप्रद रूसी-भारतीय सहयोग जोड़ने के लिए बहुत कुछ किया|”

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, “अमेरिकी लोगों की ओर से मैं पूर्व भारतीय राष्ट्रपति A.P.J Abdul Kalam के निधन पर भाफ़रत के लोगों के लिए अपनी गहरी संवेदना का विस्तार करना चाहता हूँ| एक वैज्ञानिक और राजनेता,  कलाम ने अपनी विनम्रता से घर में और विदेशों में सम्मान कमाया और भारत के सबसे महान नेताओं में से एक बने|

भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों के लिए डॉ. कलाम ने सदा वकालत की| 1962 में संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा के दौरान NASA के साथ अंतरिक्ष सहयोग को गहरा करने के लिए काम किया|

भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में इनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका-भारत संबंधों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गयी| उपयुक्त रूप से नामित “People’s President (जनता के राष्ट्रपति)”  ने सार्वजनिक सेवा, विनम्रता और समर्पण से दुनिया भर के लाखों भारतीयों और प्रशंसकों को एक प्रेरणा प्रदान की|”

दोस्तों हम आशा रखते है की APJ Adul Kalam Biography in Hindi पोस्ट पढ़कर आप लोगो को अच्छा लगा होगा| और इस आर्टिकल से आप लोगो हमारे भूतपूर्व राट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम के जीवन और उनकी उपलब्धियों के बारे में बहोत कुच जानने को मिला होगा| और हम यह भी आप लोगो से आशा रखते है की आप इस पोस्ट को और लोगो तक share करेंगे और आने वाले समय में हम आपके लिए इसी तरह के आर्टिकल लाते रहेंगे तो उसे पढने के लिए आप हमारे साथ बने रहिये तब तक के लिए धन्यवाद् ….


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