(Silver Girl) साइखोम मीराबाई चानू जीवनी|Saikhom Mirabai Chanu Biography in Hindi

(2021) Tokyo ओलिंपिक में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने वाली महिला मीराबाई चानू का पूरा जीवन परिचय, Age, Family, Cast, Religion, State, Weightlifting और Medal. 

भारत के मणिपुर में जन्मी एक बेहद ही गरीब परिवार की बेटी साइखोम मीराबाई चानू (Saikhom Mirabai Chanu) जिन्हे आज लोग “Silver Girl” के नाम से पहजानने लगे है जिन्होंने हाल ही में Tokyo Olympic 2021 कॉमन वेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग में भारत को पहला सिल्वर मैडल दिलवाकर अपने देश का नाम रोशन किया है।

23 जुलाई 2021 को जापान के टोक्यो शहर में शुरू हुए Olympic में भारत के 125 एथलीट्स ने भाग लिया था जिनमें से एक मीराबाई चानू भी है जो महिलाओं की वेटलिफ्टिंग में 49 किलोग्राम में सेलेक्ट होकर अपने देश को पहला रजत पदक दिलवाने में कामयाब हुई है। इससे पहले हाल ही में राष्ट्पति रामनाथ कोविंद द्वारा खेल रत्न से सम्मानित किया गया और इससे पहले साल 2018 में देश के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीवगांधी खेल रत्न एवॉर्ड दिया गया।

आज हम उसी भारतीय महिला खिलाडी साइखोम मीराबाई चानू के जीवन परिचय में Age, Family, State, Religion, Weightlifting, Coach के बारे में विस्तार से पूरी details जानेंगे। 

साइखोम मीराबाई चानू जीवनी (Saikhom Mirabai Chanu Biography in Hindi)

भारत के मणिपुर से 20 किमी दूर नोंगपोक काकचिंग नाम के एक छोटे से गांव में रहने वाली साइखोम मीराबाई चानू का जन्म 8 अगस्त 1994 हुवा था। मीराबाई चानू का पचपन बहोत ही गरीबी और आभाव में बिता परिवार के लिए भरपेट खाना मिलना बड़ी बात थी। महेनत मजदूरी करके किसी तरह गुजरा चल रहा था उन दिनों गाओ में वेटलिफ्टिंग चैम्पियन Kunjrani Devi की बड़ी चर्चा थी दरअसल कुंजरानी भी पानीपुर की ही है चानू उनके किस्से सुनकर बड़ी हुई।

एक बार पिता किसी काम के लिए इंफाल गए चानू उनके साथ थी वह वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिता चल रही थी मैदान में भर उठती महिलाएं और चारो तरफ सोर मचती भीड़ नजारा अद्भुत था। तभी एक महिला की और इशारा करते पापा ने बताया की ये कुंजरानी है चनु को खेल दिलचस्प लगा और मासूमियत से पापा से सवाल पूछा क्या में भी उनकी तरहा वजन उठा सकती हु? पापा हस पड़े! नहीं चानू के मन में लगातार यह सवाल उठता रहा की एक ओरत इतना वजन कैसे उठा सकती है। चनु एक दिन पापा से बोली में भी वजन उठाने वाले खेल में हिस्सा लेना चाहती हूँ पापा ने यह कह कर बात टाल दी की इनके लिए काफी ट्रेनिंग लेनी पड़ती है।

मीराबाई चानू के मन में वेटलिफ्टर बनने का सपना बन चूका था। पिता पढ़ेलिखे तो नहीं थे पर खेल की अहमियत समझते थे इस लिए जब बेटी ने जिद पकड़ी उन्होंने सोचा चलो इसे मौका दिया जाय। वह से 5 किलोमीटर दूर एक ट्रेनिंग सेंटर था वही 2007 में ट्रेनिंग शुरू हुई। ट्रेनिंग के पहले दिन से ही उन्हें समझ आया की वजन उठाने के लिए व्यायाम और खान पान का ध्यान देना होगा और उसने उन्हें डाइट चार्ट दिया फल, सब्जी के इलावा दूध और चिकन खाना जरुरी था। डाइट चार्ट देखकर उनके होस उड़ गए घरमे चिकन साल में कभी कबार ही बनने की नौबत आती थी। घर के हालत ऐसे नहीं थे की यह सब खाने पिने का खर्च उठाया सके।   

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मीराबाई चानू रोजाना 7 किलोमीटर सफर करके सेंटर पहोचती और 2 घंटे exercise करके वजन उठाने की प्रेक्टिस करती शाम को लोटती तो भूख लगती और जो सबके लिए बनता वही खाकर सो जाती पर्याप्त डाइट न मिलने के कारन सेहत बिगड़ने लगी, चानू बताती है की हमारे पास इतने भी पैसे नहीं थे की रोज एक ग्लास दूध मिल सके।

चानू ने तय कर लिया था की चाहे जो भो जाये खेल तो नहीं छोडूंगी, एक दौर ऐसा भी आया की घरवालों ने कहा की खेल छोड़ दो लेकिन चानू नहीं मानी, डटी रही पढाई के लिए समय ना मिलने के कारन किसी तरह 10 वि पास थी।

साइखोम मीराबाई चानू को बड़ी कामयाबी मिली साल 2011 में जब चानू ने दक्षिण एशियाई जूनियर गेम्स में गोल्ड मैडल जीता, अब पूरा देश उनको पहजानने लगा था कुंजरानी देवी बनने का सपना हकीकत बन चूका था इस तरह चानू गरीब परिवार से होकर भी स्ट्रगल करके वेटलिफ्टिंग में अपना नाम बना पाई और आज इस मुकाम पर पहोची। 

मीराबाई चानू के मन में वेटलिफ्टर बनने का सपना बन चूका था। पिता पढ़ेलिखे तो नहीं थे पर खेल की अहमियत समझते थे इस लिए जब बेटी ने जिद पकड़ी उन्होंने सोचा चलो इसे मौका दिया जाय। वह से 5 किलोमीटर दूर एक ट्रेनिंग सेंटर था वही 2007 में ट्रेनिंग शुरू हुई। ट्रेनिंग के पहले दिन से ही उन्हें समझ आया की वजन उठाने के लिए व्यायाम और खान पान का ध्यान देना होगा और उसने उन्हें डाइट चार्ट दिया फल, सब्जी के इलावा दूध और चिकन खाना जरुरी था। डाइट चार्ट देखकर उनके होस उड़ गए घरमे चिकन साल में कभी कबार ही बनने की नौबत आती थी। घर के हालत ऐसे नहीं थे की यह सब खाने पिने का खर्च उठाया सके।

मीराबाई चानू के बारे में जानकारी (Saikhom Mirabai Chanu Biography in Hindi)

नाम (Name)मीराबाई चानू
पुरा नाम (Full Name)साइखोम मीराबाई चानू
जन्म (Date of Birth)8 अगस्त 1994
उम्र (Age)24 साल
रहवासी (Residence)मणिपुर
नागरिकता (Nationality)भारतीय
धर्म (Religion)हिंदू
लम्बाई (Hight)4 फिट 11 इंच
वजन (Weight)48 किलोग्राम
पेशा (Occupation)खिलाड़ी
खेल (Game)वेट लिफ्टिंग
कुल मैडल (Total Medal)2 गोल्ड (Gold), 1 सिल्वर (Silver)
कोच (Coach)कुंजरानी देवी
Saikhom mirabai chanu biography in hindi

मीराबाई  चानू  परिवार (Saikhom Mirabai Chanu Family)

साइखोम मीराबाई चानू के परिवार में माता, पिता और 6 भाई बहने है जिनमे चानू सबसे छोटी है इनकी माता एक गृहिणी है और जिनका नाम साइकोहं ऊँगबी तोम्बी लीमा है और पिता का नाम साइकोहं कृति मैतेई है जो पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में काम करते हैं। इनका परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है, चानू को बचपन से ही वेट लिफ्टिंग के खेल में सोख रहा है और उसका सपना था की वह भी एक दिन कुंजरानी देवी की तरहा बने।

साइखोम मीराबाई चानू वर्ल्ड रिकार्ड्स (Saikhom Mirabai Chanu World Record)

  • साइखोम मीराबाई चानू ने मात्र 12 साल की उम्र में उन्होंने अंडर15 का खिताब जीत लिया था और 17 साल की उम्र में जूनियर चैंपियन बन गई थी। मीराबाई चानू ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किये है। 
  • साल 2014 में मीराबाई चानू ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 48 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
  • साल 2016 में मीराबाई चानू ने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था परंतु इस ओलंपिक में इन्हें कोई भी पदक नहीं मिला था।
  • साल 2016 में ही मीराबाई चानू ने दक्षिण एशियन गेम्स जो कि गुवाहाटी में आयोजित हुए थे, उसमें उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था।
  • साल 2017 में मीराबाई चानू ने वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई ने गोल्ड मेडल हासिल किया था।
  • साल 2018 में चोट के चलते मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थी।

मीराबाई  चानू अवॉर्ड्स (Saikhom Mirabai Chanu Awards)

साल 2018 में मीराबाई को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया था और साल 2018 में ही इन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा भारत का सर्वोच्च खेल अवॉर्ड राजीव गांधी खेल रत्न प्रदान किया गया है।

साइखोम मीराबाई चानू ने 7 फरवरी 2019 को शानदार प्रदर्शन करते हुए थाईलैंड के चियांग-मे में आयोजित ईजीएटी कप में 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 192 किलो वजन उठाकर सिल्वर लेवल ओलिंपिक पात्रता स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता हासिल की हैं।

साइखोम मीराबाई चानू रजत पदक (Saikhom Mirabai Chanu Weightlifting Olympics 2021)

साइखोम मीराबाई चानू (Saikhom Mirabai Chanu) ने भारत के लिए हल ही में टोक्यो आयोजित ओलंपिक 2021 में पहला रजत पदक जीत लिया है। मीराबाई चानू ने 49 किलोग्राम महिला वर्ग के वेटलिफ्टिंग इवेंट में यह पदक अपने नाम किया।  मीराबाई चानू ने स्नैच में 87 किलो, जबकि क्लीन एंड जर्क में 115 किलोग्राम वजन का भार उठाया। इसी के साथ उन्होंने कुल 202 किलोग्राम का भार उठाया।

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अंतिम शब्द!

दोस्तों हमें अपने देश और अपने देश की उन महिलाओ, पुरुषो पर गर्व है जो भारत वर्ष का नाम रोशन करने के लिए इतनी मेहनत और परिश्रम करते है। और आज एक बार फिर भारत देश का नाम उचा करने वाली महिला जिनका नाम आजके बाद सुवर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा ऐसी वीरांगना “साइखोम मीराबाई चानू के जीवन परिचय (Saikhom Mirabai Chanu Biography in Hindi)” को पढ़ कर आप लोगो को कैसा लगा, क्या आपका भी सीना गर्व से चौड़ा हो गया तो प्लीज हमें निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताये धन्यवाद्।

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