Gautam Buddha Biography in Hindi | गौतम बुद्धा जीवनी!

Gautam Buddha Biography in Hindi
”बौद्ध धर्म को सिर्फ दो शब्दों में व्यक्त किया जा सकता है - अभ्यास और जागरूकता।”- दलाई लामा
“वह एक भगवान में जरूरी नहीं है, बौद्ध धर्म अपने घर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है” – आंजेलीना जोली
“गौतम बुद्ध का जीवन सेवा, करुणा और सबसे महत्वपूर्ण त्याग की शक्ति को दर्शाता है” – नरेंद्र मोदी
गौतम बुद्धा जीवनी

गौतम बुद्धा जीवनी: भगवान बुद्ध का जन्म-मृत्यु, पत्नी-पुत्र का नाम, माता-पिता, गुरु कौन था और ज्ञान प्राप्ति से जुडी पूरी जानकारी!

दोस्तों आज हम बात करेंगे दुनिया को अपने विचारों से एक नया रास्ता दिखने वाले महात्मा “भगवान गौतम बुद्ध” की जीवन के बारे में। गौतम बुद्ध भारत के महान दार्शनिक, वैज्ञानिक, धर्मगुरु, समाज सुधारक और बौद्ध धर्म के स्थापक थे।

तो आज हम उसी सिद्धार्थ गौतम के जीवनी, माता का नाम, पत्नी का नाम, पुत्र का नाम, घोड़े का नाम, गुरु कौन थे, और ज्ञान प्राप्ति के बारे में विस्तार से जानेंगे इस Gautam Buddha Biography in Hindi में।

गौतम बुद्ध का जन्म कहां हुआ था (Gautam Buddha Biography in Hindi)

गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व के समय शाक्य गणराज्य की तत्कालीन राजधानी लुम्बिनी नेपाल में हुआ था। लुम्बिनी वन नेपाल के तराई क्षेत्र में कपिलवस्तु और देवदह के बीच नौतनवा स्टेशन से महज 8 मील दूर पश्चिम में रुक्मिनदेई नामक स्थान के पास स्थित है।

जब कपिलवस्तु की महारानी महामाया देवी के अपने देवदह जाते हुए रास्ते में प्रसव पीड़ा हुई जिसमे एक पुत्र का जन्म हुआ जिसका नाम सिद्धार्थ रखा गया। और गौतम गौत्र में जन्म लेने के कारण वे गौतम बुद्ध कहलाये।

इनके पिता शुदोधन एक राजा थे इनकी माता माया देवी कोली वंश की महिला थी लेकिन बालक के जन्म देने के बाद 7 दिन के अंदर माया देवी की मृत्यु हो गयी थी।  जिसके बाद इनका लालन-पालन इनकी मौसी और राजा की दूसरी पत्नी रानी गौतमी ने की और इस बालक का नाम सिद्धार्थ रख दिया गया।

इस नाम का मतलब होता हैं जो सिद्धि प्राप्ति के लिये जन्मा हो लेकिन इनको बाद में सिद्धि मिली थी। सिद्धार्थ बचपन से बहुत की दयालु और करुणा वाले व्यक्ति थे।

नाम – सिद्धार्थ गौतम बुद्ध

जन्म – 563 ईसा पूर्व लुम्बिनी, नेपाल

मृत्यु – 483 ईसा पूर्व (आयु 80 वर्ष) कुशीनगर, भारत

धर्म   – बौद्ध धर्म

शादी – राजकुमारी यशोधरा

पुत्र – राहुल

पिता का नाम – शुद्धोदन (एक राजा और कुशल शासक)

माता का नाम – माया देवी (महारानी)

28 बुद्ध के नाम

  • तह्करा
  • मेधमकार
  • सरसंस्कार:
  • दीपांकर
  • कोंडन्ना
  • ममगला
  • सुमना
  • रेवत
  • शोभिता
  • अनोमाडासी
  • पदुमा
  • नारद
  • पदुमुत्तरा
  • सुमेधा
  • सुजाता
  • पियादस्सी
  • अथादस्सी
  • धम्मदास्सी
  • सिद्धार्थ:
  • टिस्सा
  • फुस्सा
  • विपासी
  • सिख
  • वेसाभु
  • काकुसंधा
  • कोनागमाना
  • कस्पा बुद्ध
  • गौतम बुद्ध

गौतम बुद्ध ने शिक्षा कहाँ से प्राप्त की? (गौतम बुद्ध का गुरु कौन था)

महात्मा सिद्धार्थ ने अपनी शिक्षा गुरु विश्वामित्र से पूरी की। उन्होंने वेद और उपनिषद के साथ-साथ युद्ध विद्या की भी शिक्षा प्राप्त की। सिद्धार्थ को बचपन से घुड़सवारी, धनुष – बाण और रथ हांकने वाला एक सारथी में कोई दूसरा मुकाबला नहीं कर सकता था।

गौतम बुद्ध ने शादी किससे की थी? (गौतम बुद्ध की पत्नी का नाम)

सिद्धार्थ की विवाह (शादी) मात्र 16 साल की आयु में “राजकुमारी यशोधरा” के साथ हुई थीं और इस शादी के एक साल बाद एक पुत्र का जन्म हुआ था। जिसका नाम “राहुल” रखा था लेकिन उनका मन घर और मोह माया की दुनिया में नहीं लगा और वे घर परिवार को त्याग कर जंगल में चले गये थे।

इस गौतम बुद्धा जीवनी (Gautam Buddha Biography in Hindi) मे आगे जानने को मिलेगा की गौतम बुद्ध के ज्ञान की ताक़त क्या है?

महाभिनिष्क्रमण क्या है? (गौतम बुद्ध जीवन परिचय हिंदी में)

राजा (पिता) शुद्दोधन ने पुत्र सिद्धार्थ के लिये भोग-विलास का भरपूर इंतजाम भी किया था। पिता ने अपने बेटे के लिए 3 ऋतु के हिसाब से 3 महल भी बनाये थें जिसमे नाच-गान औए ऐसो आराम की सारी व्यवस्था मौजूद थी। लेकिन ये चीजें सिद्धार्थ को अपनी ओर नहीं खींच सकी और सिद्धार्थ ने अपनी सुंदर पत्नी और सुंदर बालक को छोड़कर वन की ओर चले जाने का निश्चय किया।

सिद्धार्थ ने जंगल जाकर कठोर से भी कठोर तपस्या करना शुरू कर दिया। पहले तो सिद्धार्थ ने शुरू में तिल चावल खाकर तपस्या शुरू की लेकिन बाद में तो बिना खान-पान के तपस्या करना शुरू कर दिया।

कठोर ताप करने के कारण उनका शरीर सुख गया था तप करते-करते 6 साल हो गये थे। एक दिन सिद्धार्थ वन में तपस्या कर रहे थें कि अचानक कुछ महिलाये किसी नगर से लौट रही थीं वही रास्ते में सिद्धार्थ तप कर रहे थें।

महिलाएं कुछ गीत गा रही थीं उनका एक गीत सिद्धार्थ के कानों में पड़ा था गीत था ”वीणा के तारों को ढीला मत छोड़ दों” तारों को इतना छोडो भी मत कि वें टूट जायें सिद्धार्थ को कानों में पड़ गयी और वे यह जान गये की नियमित आहार-विहार से योग सिद्ध होता हैं। और अति किसी बात की अच्छी नहीं।

किसी भी प्राप्ति के लिये माध्यम मार्ग ही ठीक होता हैं, इसके लिये कठोर तपस्या करनी पड़ती हैं|

बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति कब हुई

भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति: बुद्ध के पहले गुरु आलार कलाम थे जिन से उन्होंने सन्यास के दौरान शिक्षा प्राप्त की। 35 वर्ष की उम्र में वैशाखी पूर्णिमा की एक रात जब सिद्धार्थ पीपल के पेड़ के निचे ध्यान कर रहे थे।

उसी समीपवर्ती गाँव की एक स्त्री जिसका नाम सुजाता था उसको एक पुत्र हुआ। उस स्त्री ने बेटे होने की मानी हुई मन्नत पूरी करने के लिए सोने के थाल में गाय के दूध की खीर भरकर उस पीपल के पेड़ के पास पहुँची। सिद्धार्थ वहाँ बैठा ध्यान कर रहा था।

उस स्त्री को लगा कि वृक्षदेवता खुद ही मानो पूजा लेने के लिए शरीर धरकर वह पर बैठे हैं और फिर सुजाता ने बड़े आदर और सन्मान के साथ सिद्धार्थ को खीर भेंट की और कहा- ‘जैसे मेरी मनोकामना पूरी हुई, उसी तरह आपकी भी हो।’ उसी रात को ध्यान लगाने पर सिद्धार्थ की साधना सफल हुई और ज्ञान प्राप्त हुआ।

तभी से सिद्धार्थ ‘बुद्ध’ कहलाए, जिस पीपल वृक्ष के नीचे सिद्धार्थ को बोध मिला वह बोधिवृक्ष कहलाया और गया का समीपवर्ती वह स्थान बोधगया।

गौतम बुद्ध के ज्ञान की ताक़त क्या है?

भगवान बुद्ध दुनिया का एक रहस्य हैं। बौधि पुरुष तो बहुत हुए, लेकिन बुद्ध ने चेतना के जिस शिखर को छुआ वैसा किसी और ने नहीं। बुद्ध का पूरा जीवन सत्य की खोज और निर्वाण को पा लेने में ही लग गया। उन्होंने मानव मनोविज्ञान और दुख के हर पहलू पर कहा और उसके समाधान बताए।

यह माना जाता है कि बुद्ध ने जितना कहा और जितना समझाया उतना किसी और ने नहीं। इस धरती पर अभी तक ऐसा कोई नहीं हुआ जो बुद्ध के बराबर कह गया। आज भी सैंकड़ों ग्रंथ है जो उनके प्रवचनों से भरे पड़े हैं और आश्चर्य कि बात यह है की उनमें कहीं भी दोहराव नहीं है। जिसने भी बुद्ध को पढ़ा और समझा वह भीक्षु हुए बगैर बच नहीं सकता।

बुध का रास्ता दुख से निजात पाकर निर्वाण अर्थात शाश्वत आनंद में स्थित हो जाने का रास्ता है। बुद्ध का जन्म किसी राष्ट्र, धर्म या प्रांत की क्रांति नहीं है बल्कि की बुद्ध के जन्म से व्यवस्थित धर्म के मार्ग पर पहली बार कोई वैश्विक क्रांति हुई है।

बु्द्ध से पहले धर्म, योग और ध्यान सिर्फ दार्शनिकों का विरोधाभाषिक विज्ञान ही रहा था। काशी या कांची में बैठकर लोग माथाफोड़ी करते रहते थे। पश्चिम के बुद्धिजीवी और वैज्ञानिक बुद्ध और योग को पिछले कुछ वर्षों से बहुत ही गंभीरता से ले रहे हैं।

चीन, जापान, श्रीलंका और भारत सहित दुनिया के अनेकों बौद्ध राष्ट्रों के बौद्ध मठों में पश्चिमी जगत की तादाद बड़ी है। सभी अब यह जानने लगे हैं कि पश्चिमी धर्मों में जो बाते हैं वे बौद्ध धर्म से ही ली गई है, क्योंकि बौद्ध धर्म ईसा मसीह से 500 साल पूर्व पूरे विश्व में फैल चुका था।

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गौतम बुद्ध के उपदेश

सुख और सुविधाओं से इसी विरक्ति ने उन्हें राजकुमार गौतम से भगवान बुद्ध बनने की राह पर अग्रसर किया | उन्होंने जीवन में ज्ञान प्राप्त किया और इसे सभी मनुष्यों में बांटा भी। पेश हैं भगवान बुद्ध के वह 10 वचन जो अपनाने से आपको जीवन में सफलता और शांति मिलेगी।

1. किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है।

2. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है।

3. घृणा, घृणा करने से कम नहीं होती, बल्कि प्रेम से घटती है, यही शाश्वत नियम है।

4.  तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे।

5.  हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये।

6.  सभी गलत कार्य मन से ही उपजाते हैं. अगर मन परिवर्तित हो जाय तो क्या गलत कार्य रह सकता है।

7. अतीत पर ध्यान केन्द्रित मत करो, भविष्य का सपना भी मत देखो, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करो।

8. वह व्यक्ति जो 50 लोगों को प्यार करता है, 50 दुखों से घिरा होता है, जो किसी से भी प्यार नहीं करता है उसे कोई संकट नहीं है।

9. क्रोधित रहना, किसी और पर फेंकने के इरादे से एक गर्म कोयला अपने हाथ में रखने की तरह है, जो तुम्हीं को जलाती है।

10.  अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी एक कर्तव्य है, अन्यथा आप अपनी मन और सोच को अच्छा और साफ़ नहीं रख पाएंगे।

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अंतिम शब्द!

दोस्तों में आशा करता हु की हमारे देश के एक ऐसे महात्मा पुरुष जो आज दुनिया में बुद्ध के नाम से मशहूर है जिनके हर वचन पवित्र ग्रंथो और उपनिषदो में लिखे गए है और जिनके हर एक शब्द लोग अपने जीवन में उतरना चाहते है। ऐसे भगवन गौतम बुद्धा जीवनी (Gautam Buddha Biography in hindi) आप लोगो को अच्छी लगी होगी।

ऐसे ही इंफॉर्मेटिव और हिस्टोरिकल बाटे जानने के लिए हमें comment box में जरूर लिखे और हमें यह बताना बिलकुल न भूले की आप लोगो को यह पोस्ट यानि की जानकारी कैसी लगी, अच्छी लगी तो अपने दोस्तों के साथ इसे share करना न भूले धन्यवाद्।

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