कोम्पुटर क्या है? | Computer Basic Knowledge in Hindi (2021)

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Computer Basic Knowledge in Hindi
Computer Basic Knowledge

आजकल का जमाना कंप्यूटर का जमाना कहलाया जाता है। कंप्यूटर की जानकारी (computer basic knowledge in hindi)  जिसको है उसीको माना जाता है। कंप्यूटर का महत्व आजकल बहोत बढ़ गया है, अभी हर किसीको computer की बेसिक आनी चाहिए या पता होनी चाहिए।

हर क्षेत्र में अभी कंप्यूटर का उपयोग बढ़ गया है जिसे कंप्यूटर कैसे चलाएं वह पता नहीं वह निरक्षर  कहलाया जाता है तो फिर चलो जानते हैं कुछ चीजें कंप्यूटर के बारे में 

Basic computer क्या होता है और उसे कैसे इस्तेमाल करते हैं तो चलिए जाने कंप्यूटर की बेसिक जानकारी और “संगणक” कैसे चलाएं इन हिंदी।

दोस्तों आज के आधुनिक युग में यदि आपको कंप्यूटर की ज्यादा जानकारी नहीं है तो कम से कम कंप्यूटर की बेसिक जानकारी होना बहुत जरूरी है क्योंकि आज के युग में हम जहां कहीं भी जाते हैं किसी भी field में तो आपको कंप्यूटर की जरूरत पड़ती है आज के time में मानो हम कंप्यूटर से गिरे हुए हैं और लगभग हमारे सारे काम computer से हो रहे हैं और आजकल हमारे काम कंप्यूटर पर दिन भर दिन बढ़ते जा रहे हैं और computer digital device होता जा रहा है।

Computer Kya Hai? Computer Basic Knowledge in Hindi

What is computer? कंप्यूटर एक यंत्र है, इंग्लिश में उसे डिवाइस कहते हैं, Electronic device. जिसको हमें कुछ डाटा देना पड़ता है। मतलब शुरुआत में कंप्यूटर सिर्फ एक ब्लेंक डिवाइस रहता है उसमें जानकारी स्टोर करनी पड़ती है, उसके बाद वह चालू करने के बाद हमारे दिए गए निर्देशों (instructions) के अनुसार वह हमें स्टोर किए हुए डाटा जिसे हम इंफॉर्मेशन कहते हैं वह हमें बताता है।

कंप्यूटर में प्रोग्राम होते हैं, जो यह डाटा को इंफॉर्मेशन में बदलता है और हमें भेजता है। जिन निर्देशों के अनुसार यह कंप्यूटर काम करता है उस प्रोग्राम (Program) कहते हैं, हिंदी में कंप्यूटर को संगणक भी कहा जाता है, इंग्लिश में कई लोग उसे “PC” भी कहते हैं। PC मतलब personal computer यानी व्यक्तिगत कंप्यूटर। पर्सनल कंप्यूटर एक बंदा ही यूज कर सकता है आपने Shared Computer भी सुना होगा। इस प्रकार में एक ही कंप्यूटर पर 1 से ज्यादा लोग काम कर सकते हैं।

कंप्यूटर की खोज किसने की थी? आधुनिक Computer Ka पिता

कंप्यूटर की खोज किसने की थी? “CHARLES BABBAGE” नाम का एक ब्रिटिश mathematician (गणितज्ञ). Charles Babbage 1832 में एनालॉग कंप्यूटर (Analog computer) का आविष्कार किया था। इसके बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर “HYWARD AKIN” एक मैकेनिकल कंप्यूटर बनाया था। बाद में डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार हुआ जोकि मैकेनिकल कंप्यूटर से 200 गुना तेजी से चलता था, उसके बाद धीरे-धीरे आज का कंप्यूटर आ गया जो हम लोग अभी इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर का पूरा नाम क्या है? Full form of Computer in hindi

Computer ka full Form hai – “Common Operating Machine Particularly Used for Technical, Education and Research” और हिंदी में इसे “संगणक” कहते है।

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for

T – Technical

E – Educational

R – Researc

इसे भी पढ़े – Android System Kya Hai?

Computer kaise Complete hota hai?

जैसा कि हम सब जानते हैं कि कंप्यूटर एक electronic device है, लेकिन आजकल के कंप्यूटर के यूज़ और काम देख कर हम इसे digital device भी कह सकते हैं। हमारा कंप्यूटर दो चीजों से मिलकर बनता है हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर।

Hardware

Hardware कंप्यूटर की वह चीज है जिसे हम देख सकते हैं, छू सकते हैं और महसूस कर सकते हैं जैसे कि कंप्यूटर की इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस।

Software

Software कंप्यूटर सिस्टम की वह चीज है जिसे ना हम देख सकते हैं, ना छू सकते हैं और ना ही महसूस कर सकते हैं सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर सिस्टम के सीपीयू (CPU) में डालें जाने वाले एक प्रोग्रामिंग और ऑपरेटिंग सिस्टम होता है।

Software आपके कंप्यूटर सिस्टम को ऑपरेट करता है, programming करता है और आपके द्वारा दिए गए order को प्रोसेस करने की permission देता है। सॉफ्टवेयर के बिना आपका हार्डवेयर मतलब कि आपका computer system एक खाली डब्बा है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर एक दूसरे के पूरक है मनो की हार्डवेयर कंप्यूटर की बॉडी है तो सॉफ्टवेयर कंप्यूटर सिस्टम की आत्मा है। 

जब हम अपना नया कंप्यूटर सिस्टम लेते हैं तो वह एक खाली खोखे की तरह रहता है आप जब तक इसमें सॉफ्टवेयर नहीं डालेंगे तब तक आप इसका पूरी तरह से यूज नहीं कर पाएंगे।

Software or drivers  को डाटा भी कहा कह सकते हैं, जैसे कि कंप्यूटर सिस्टम को ऑपरेट और प्रोग्रामिंग करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम windows xp, windows 7, windows 8, windows 10 इनमे से कोई एक ऑपरेटिंग सिस्टम डालना पड़ता है साथ ही audio, videos etc को चलाने के लिए उनके ड्राइवर डालने पड़ते हैं। आपके कंप्यूटर में उसके डाले हुए windows के हिसाब से ही options or functions होते हैं और यह Binary digit 0 or 1 के आधार पर काम करता है।

Computer Kaise chalaye – Computer ki basic Jankari in Hindi

जैसे कि मैं आपको पहले ही बता चुका हूं कि किसी कंप्यूटर को चलाने के पहले आपको computer का basic knowledge होना चाहिए, क्योंकि कंप्यूटर को चलाने के पहले आपको उसकी input, output devices और उनके पार्ट की थोड़ी बहुत जानकारी होना बहुत जरूरी है तभी आप अपने कंप्यूटर को सही तरीके से इनपुट डिवाइस के through order दे पाएंगे और आपका कंप्यूटर सिस्टम उस पर प्रॉसेस  करके आपको आउटपुट डिवाइस के through result दे पाएगा। इसे भी पढ़े: Google Meet Kya Hai in Hindi

1. Computer Ka Basic Use:

अभी आप जो भी काम करो आपको computer की जरूरत जरूर पड़ेगी, चाहे आप घर पर हो कोई काम का करो या फिर ऑफिस में काम करो कंप्यूटर के बिना कुछ भी नहीं होगा कंप्यूटर हर जगह यूज़ होता है जैसे कि Bank, Office, Home, Schools, Collage हर किसी जगह कंप्यूटर की जरूरत होती है। अगर आप कोई business start करना चाहते हो तो आपको कंप्यूटर चलाना जरूर सीखना होगा असल में अभी कंप्यूटर के बिना आप कुछ भी काम नहीं कर सकोगे।

2. Computer के प्रकार:

काम के हिसाब से Computer 3 प्रकार का होता है –

1. Digital Computer

2. Analog Computer

3. Hybrid Computer

और Digital Computer 5 प्रकार का होता है जैसे की –

1. Grid Computer

2. Super Computer

3. Mainframe Computer

4. Mini Computer

5. Micro Computer

हम लोग जो कंप्यूटर इस्तेमाल करते है वो है “Micro Computer” और ये माइक्रो कंप्यूटर 6 type के होते है  –

1. Desktop Computer

2. Laptop Computer

3. Palmtop Computer

4. Notebook Computer

5. Pocket Computer

6. Home Computer

3. Software Kya Hai? Computer Ke sath iska क्या संबंध है ?

Computer चलाने के लिए कंप्यूटर को जो सबसे ज्यादा जरूरत होता है, उन सब को एक साथ मिलाकर software बोला जाता है। असल में सॉफ्टवेयर का विकल्प नाम है program.

कंप्यूटर पर अगर software run न किया जाए तो उस कंप्यूटर का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि एक कंप्यूटर को रन करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत है सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर कुछ भी नहीं, Software दो तरह के होते हैं।

1. System Software

2. Application Software

1. System Software:

Software जो कंप्यूटर में यूजर को ऐसा Environment दे, जिससे यूजर को कंप्यूटर चलाने में आसानी हो। ऐसे Software  को System Software  कहा जाता है। यह कंप्यूटर के Hardware और Application Software  को मेनेज करता है। और उनसे काम करवाता है। System Software कई प्रोग्रामो और सॉफ्टवेयर का समूह है। System Software 4 तरह के होते हैं –

1. Operating System Software

2. Utility Software

3. Translator software

4. Graphical user interface Software

2. Application Software:

इनमे वे Software जो यूजर की प्रॉब्लम को हल करने के लिए बनाये जाते है। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर End User होते है। यह सीधा यूजर को इंटरफ़ेस देते है। इन्हें जरूरत पढने पर कंप्यूटर पर Install और Remove किया जा सकता है। यह Softwear System software की मदद से Computer पर काम करते है।

Example:- Microsoft Office, Web Browser, Music Player, PhotoShop, etc.

Applications Software 2 तरहा के होते है –

1. Package software

2. Customized software

4. Computer language

हर तरह के Computer Application बनाने के लिए जो language इस्तेमाल होता है उसी को computer language बोलते है। जो language सिर्फ और सिर्फ  कंप्यूटर ही समझता है।

Example: Machine language, Assembly Language, High-level language, COBOL, Basic, Pascal, FORTRAN, C, C++, Java, Algo, Mathematical, Python, etc.

5. Hardware

Computer Hardware यानि की कंप्यूटर के वो पार्ट है जो हम देखने के साथ साथ छू सकते है। इन पार्ट को Mechanical, Electrical, या Electrons Part भी कह सकते है। एक कंप्यूटर में अलग अलग तरहा के hardware part  होता है जैसे की –

  • CPU
  • Hard-disk
  • DVD
  • Motherboard
  • RAM
  • Monitor/LCD
  • Keyboard
  • Mouse
  • etc.

Computer Hardware 3 तरहा के होते है –

  1. Input Device
  2. C.P.U
  3. Output Device
Input Devices

Computer को सोचने देने के लिए हमें input device की आवस्यकता  होती है। बहोत सारे डिवाईसेस है जिनसे हम computer को instructions दे सकते है।

  • Keyboard
  • Mouse
  • Joy Stick
  • Light pen
  • Track Ball
  • Scanner
  • Graphic Tablet
  • Microphone
  • Magnetic Ink Card Reader (MICR)
  • Optical Character Reader (OCR)
  • Bar Code Reader
  • Optical Mark Reader(OMR)
Output Devices

Computer से प्राप्त की हुई इन्फॉर्मेशन को user को बताने के लिए या represent करने के लिए output device यूज होता है। हम अपनी सारी जानकारी computer के screen पर देखते है, वो एक output device होता है।

  • Monitors
  • Graphic Plotter
  • Printer
  • Projectors
  • Speakers
  • Headphones
  • Punched card input/output
  • Punched tape
  • Voice output communication aid
  • Automotive navigation system
  • Braille embosser
  • Video
  • Plotter
  • Wireless

Data Kya He?

अपने दाता शब्द बहुत बार सुना होगा, कंप्यूटर के क्षेत्र में ये विभिन्न प्रकार में प्रयुक्त होता है। जिस पर प्रक्रिया करने से अर्थपूर्ण सूचना प्राप्त होती है डाटा को row data भी कहा जाता है जिसका मतलब है जिस पर कोई प्रक्रिया नहीं की गई हो। Data अलग अलग रूप में हमारे computer पर रहते है, जैसे की Images, Photos, Videos, Gaane, File, Documents. Raw Data पर प्रक्रिया करने के बाद उसको Information में बदला जाता है। 

Process – Prakriya

Data जैसे अक्षर, अंक, संख्या या किसी image, video को सुव्यवस्थित करने की उनकी गणना को प्रक्रिया कहते है। किसी भी data को अर्थपूर्ण जानकारी में बदलने के लिए उस प्रक्रिया से गुजरना जरुरी है। उसके बाद उसका information में रूपांतर होता है। 

Arithmetical Unit

जोड़ना, घटाना, गुणा करना और भाग देना या फिर औसत करना ये सारि चीजे गणना में आती है। Computer में एक विभाग होता है इस गणना क्रिया लिए उसे CPU कहा जाता है। ये कार्य Decision Making में भी आता है। कंप्यूटर इंसानो से काफी तेज है क्यों की, Computer की calculation power बहोत तेज होती है।

निर्णय लेना –  Decision Making

Computer हमारे दिए गए सूचना के आधार पर अपने आप decision लेता है की इस सूचना पर क्या operation करना है। कंप्यूटर शर्त और तर्क के आधार पर ये निर्णय लेता है। Central Processing Unit के जरिये सारे निर्णय लिए जाते है। Computer का कार्य input devices से मिली सूचनाओं के आधार पर चलता है। Input device में Mouse, Keyboard, Scanner इन सभी चीजों का समावेश होता है। Decision लेने के बाद उन सिग्नल को हम output devices पर देखते है, जैसे की Monitor, Printer.

तर्क – Logic

आवश्यक परिणाम को प्राप्त करने के लिए पदों के क्रम को Logic कहा जाता है। प्रक्रिया केवल अंक और संख्या की गणना को ही नहीं कहते, बल्कि Computer की सहायता से दस्तावेजी में तृतिय ढूढ़ना, प्रॉब्लम को व्यवस्थित करना जैसे कई काम भी लॉजिक विभाग में आते है। इस विभाग को english में Arithmetical and Logical Unit कहते है। इस यूनिट से सारे functions Memory Unit से जुड़े होते है। जहा से temporarily save की हुई data का इस्तेमाल करके वो तर्क लगाके अपने decisions लेता है। ये यूनिट भी decision लेने वाला यूनिट से जुड़ा होता है।

Basic Computer Ki Block Diagram

Basic Computer Ki Block Diagram

Computer ( संगणक ) को चलाने में कुछ चीजे याद रखें!

1. दोस्तों सबसे पहली बात तो यह है की अपने computer को फ़ास्ट और फ्री रखने के लिए अपने कंप्यूटर की RAM को free रखे जिससे आपका computer fast काम करेगा। इसके लिए कंप्यूटर में ज्यादा और फालतू के software को install ना करे, जो software aap regular use करते है उनको ही कंप्यूटर में install करके रखें।

2. Computer में एक दो से ज्यादा drivers को इंसटाल ना रखे इससे आपके कंप्यूटर की RAM or Hard disk पर असर पड़ता है।

3. अगर आपके computer गलती से फॉर्मेट हो गया है और आप कोई windows अपने  कंप्यूटर सिस्टम में दाल रहे है तो अगर आपको windows installation की पूरी जानकारी नहीं है तो अधूरी जानकारी के तौर पर new windows install ना करे, या तो किसी की help ले या फिर computer care की हेल्प ले सकते है।

आप अपने computer system में अच्छी कंपनी का Antivirus software डालना न भूले। Antivirus डालने से आपके कंप्यूटर की files, data etc corrupt नहीं होंगे और वायरस आपके कंप्यूटर पर असर नहीं दाल पाएगा। 

दोस्तों में उम्मीद करता हु की आप लोगों को हमारी यह computer basic knowledge in hindi से जुडी जानकारी पढ़कर अच्छा लगा होगा और इससे बहुत कुछ सिखने को भी मिला होगा। तो मेरे प्यारे दोस्तों अगर हमारा यह Article से आप लोगो की थोड़ी सी भी हेल्प हुई हो तो अपने दोस्तों और जानपहचान के लेगो के साथ share करके उनकी भी मदद करना ना भूले।

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